इस मजदूर दिवस ‘प्रवासी मजदूर’ है अहम विषय

नई दिल्ली। Labour Day Speeches and Essays ideas : इस वक्त जब देश महामारी कोविड-19 का सामना कर रहा है तब ‘मजदूर दिवस’ पर निबंध या भाषण के लिए सबसे महत्वपूर्ण विषय है प्रवासी मजदूर, मजदूरों का पलायन और रोजगार के राह में मुश्किलें। इसके अलावा केंद्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा इन प्रवासी मजदूरों के हित में उठाए गए कदम।

1. प्रवासी मजदूर

वैसे मजदूर जो अपने गांवों से दूर बड़े शहरों व महानगरों में रोजी-रोटी के लिए जाते हैं। दिन-रात मेहनत करते हैं और एक कमरे में न जाने कितने और मजदूरों के साथ रहते हैं।

2. मजदूरों का पलायन

पिछले साल की तरह इस बार भी देश के कई राज्यों से मजदूरों का पलायन जारी है। महामारी कोविड-19 से जूझ रहे देश के मजदूरों के रोजगार पर फिर से संकट मंडरा रहा है। फैक्ट्री और धंधे रोजगार सब चौपट हो गए हैं।

 3. रोजगार पर संकट 

जो मजदूर फैक्ट्रियों में काम करते थे,  ठेलियां लगाते थे सब महामारी के कारण ठप हो गया है। इसके लिए लिखे जाने वाले निबंध में इन मजदूरों की मजबूरी का जिक्र करते हुए समाधान जैसे खेती आदि पर फोकस कर सकते हैं।

 4. केंद्र व राज्य सरकारों ने उठाए कदम

 प्रवासी मजदूरों पर आए इस संकट को देखते हुए केंद्र समेत कई राज्यों ने इनके हित में फैसले लिए हैं। इनके स्वास्थ्य के लिए योजनाएं लाई गई यहां तक कि दिल्ली सरकार ने इनके अकाउंटों में कुछ धनराशि डालकर आर्थिक सहायता की है।

1923 में हुई थी मजदूर दिवस की शुरुआत 

दुनिया भर में शनिवार, 1 मई को मजदूर दिवस मनाया जाएगा जिसकी शुरुआत भारत में 1 मई, 1923 को हुई। इस दिन ही  पहली बार मजदूर दिवस मनाया गया था जब हिंदूस्तान के लेबर किसान पार्टी और भारती मज़दूर किसान पार्टी के नेता कामरेड सिंगरावेलू चेट्यार ने समारोह का आयोजन किया था।

दिल्ली सरकार ने उठाए ये कदम 

दिल्ली सरकार ने निर्माण मजदूरों के अकाउंट में 5000 रुपये ट्रांसफर किए और उन सभी मजदूरों और उनके परिवारों को 5 से 10,000 रुपये अकाउंट में ट्रांसफर किए जाएंगे जो संक्रमण के चपेट में आए हों। दिल्ली सरकार इन सभी की RT-PCR रिपोर्ट की जांच पड़ताल आईसीएमआर (ICMR) पोर्टल पर करेगी।

बिहार के श्रमिकों के लिए भी गुड न्यूज 

वहीं बिहार के श्रमिकों के लिए भी अच्छी खबर है। अब उन्हें बीमार होने की स्थिति में इलाज के पैसों के लिए परेशान नहीं होना होगा। श्रम संसाधन विभाग में निबंधित श्रमिकों को केंद्र की आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा जा रहा है। तब उनके इलाज पर होने वाला पांच लाख तक का खर्च इस योजना से आच्छादित  होगा। एक मई यानी मजदूर दिवस पर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका एलान कर सकते हैं।