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कोरोना काल में भी सेवा कार्य में जुटे स्वयंसेवक

जबलपुर। वैश्विक महामारी कोरोना में संघ का स्वयंसेवक मैदान में उतर कर समाज की सेवा में जुटा है। जबलपुर जिले के कई गांव में स्वयंसेवकों के आग्रह के बाद खुद ही लोगों ने जनता कफ्र्य लगा लिया है। इनमें घुबराकलां, मोहनियां और सालीवाडा प्रमुख है। यहां पर बाहर से आने वाले हर व्यक्ति की कोरोना प्रोटोकॉल के तहत जांच की जा रही है और गांव में प्रवेश की उपरांत होम आईसोलेट भी किया जा रहा है। वहीं शहरी क्षेत्र में संघ और आरोग्‍य भारती के संयुक्त प्रयास से लगभग जबलपुर शहर के 70 डॉक्टरो ने अपनी स्वेच्‍छा अनुसार संगठन के आग्रह के बाद विभिन्न परामर्श के लिए अलग-अलग समय पर मोबाइल के माध्यम से सेवा दे रहे हैं। यहां भी रोजाना रोगियों के 10 से 15 कॉल आते हैं और लोग डॉक्टरो को अपनी समस्या बता रहे है।

महाकौशल क्षेत्र में कोरोना तेजी से बढ़ रहा है, वहीं कोरोना पीड़ित की संख्या: अस्पतालों में बेड की संख्या कम पड गयी है। ऐसे में स्वयंसेवकों और सेवाभारती के कार्यकर्तायों द्वारा कोविड केयर सेंटर की स्थापना कटनी, जबलपुर, सागर, सतना, छिंदवाडा में की गयी। यहां पर कोरोना से पी​ड़ित मरीजो को बैड, डॉक्टर, दवाई, साफ सफाई और आक्सीजन की भी प्रर्याप्त व्यवस्था की गयी है। स्वयंसेवको द्वारा भोजन के लिए जबलपुर के ग्रामीण क्षेत्रों से गेहूं और आटा एकत्रित कर उस साम्रगी का उपयोग कर भोजन की व्यवस्था की जा रही है यह भोजन जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस अस्पताल (मेडिकल) में लगभग 200 लोगों को प्रतिदिन को भोजन करवाया जा रहा है। जबलपुर के चौहानी श्मशान घाट की हालत सबसे ज्यादा खराब थी लेकिन स्वयंसेवकों और सेवाभारती के लोगों ने अंतिम संस्कार हेतु लकडी और कंडे की भी व्यवस्था की है।