रमन बोले-वेंटिलेटर पर सरकार, सीएम बघेल के सलाहकार ने कहा, हां है, लेकिन कौन सी सरकार

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना को लेकर सियासी संग्राम जारी है। पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार वेंटिलेटर पर है। अब रमन के इस आरोप का मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सलाहकार रुचिर गर्ग ने जवाब दिया है। गर्ग ने कहा हां, हां! ऐसा ही है, लेकिन कौन सी सरकार? रमन के आरोप पर केंद्र की मोदी सरकार को घेरते हुए गर्ग ने एक दर्जन सवाल किए, जिसमें यह बताने की कोशिश की है कि केंद्र की मोदी सरकार वेंटिलेटर पर है।

गर्ग ने कहा, हां, वो सरकार वेंटिलेटर पर है, जो इस तबाही में भी मुनाफाखोरों और जमाखोरों के साथ है। जिसने आम लोगों का पैसा उस वैक्सीन कंपनी को दे दिया, जो अब उसी पैसे से इसी देश में वैक्सीन का धंधा कर रही है। जनता के द्वारा चुनी गई सरकार धंधेबाजों के हक में काम कर रही है। इसलिए जनता के लिए तो यह सरकार वेंटिलेटर पर ही है। एक मुनाफाखोर हिंदुस्तानियों को दुनिया में सबसे महंगी वैक्सीन बेच रहा है,वो भी एहसान जता कर।

बंगाल में चुनाव था तो बांग्लादेश को बेच दी ऑक्सीजन

रुचिर गर्ग ने कहा, वो सरकार वेंटिलेटर पर है, जिसने अपने देश की जरूरत के समय ऑक्सीजन का निर्यात किया। बांग्लादेश को सबसे ज्यादा सप्लाई की। क्या इसलिए कि बंगाल में चुनाव थे? इस देश का नागरिक ऑक्सीजन और दवाओं के अभाव में दम तोड रहा है। हां, सरकार वेंटिलेटर पर है, क्योंकि देश के मरघटों में चिताओं की लाइन लगी हुई है। सरकार को अब भी जलती चिताओं की आंच महसूस नहीं हो रही है। सरकार को ऑक्सीजन कहीं से,सिलेंडर कहीं से,दवाएं कहीं से बुलवानी पड़ रहीं हैं,सिर्फ इसलिए क्योंकि उसने समय रहते देश में इनका इंतजाम नहीं किया।

आत्मनिर्भर भारत की तोड़ दी रीढ

रुचिर ने कहा, हां ,वो सरकार वेंटिलेटर पर है, जिसने आत्मनिर्भर देश की रीढ़ तोड़ दी है। उसने देश का पूरा सिस्टम ध्वस्त कर दिया है। इस देश के एक प्रदेश में खुद को योगी कहने वाला एक मुख्यमंत्री ऑक्सीजन मांगने पर संपत्ति जब्त कर लेता है। देश के प्रधानमंत्री इस भयावह काल में भी मन की बात करते हैं,जन की बात नहीं!

पीएम एक फोन की दूरी पर, क्यों नहीं पूछते भाजपा नेता

गर्ग ने कहा कि डाक्‍टर रमन सिंह या धरमलाल कौशिक से उम्मीद है कि कम से कम वेंटिलेटर पर पड़ी केंद्र की मोदी सरकार से इतना तो पूछ ही लेते कि वैक्सीन कब आएगी। प्रधानमंत्री एक फोन कॉल पर ही तो हैं न! पूछिए उनसे कि क्या इस देश की जनता मुफ्त वैक्सीन की हकदार नहीं है? पूछिए कि देश को लोकतंत्र की साफ ऑक्सीजन चाहिए या बीस हजार करोड़ का सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट?