18 पार वालों का टीकाकरण शुरू, टीके की कमी के बीच धीमी रही शुरुआत, छह राज्यों में ही लगी वैक्सीन

नई दिल्ली। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच देश ने टीकाकरण के तीसरे चरण की ओर कदम बढ़ा दिया है। शनिवार से 18 से 44 साल के लोगों का टीकाकरण शुरू हुआ। टीके की अनुपलब्धता के कारण पहले दिन सिर्फ छह राज्यों महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात और ओडिशा में ही सीमित स्तर पर इस चरण की शुरुआत हो पाई। बाकी राज्यों ने टीके की कमी का हवाला देते हुए अभी हाथ खड़े कर दिए हैं। हालांकि अगले कुछ दिनों में आपूर्ति बढ़ने के साथ ही देशभर में इस अभियान के गति पकड़ लेने की उम्मीद है।

टीकाकरण अहम हथियार 

कोरोना से जंग में टीका अहम हथियार है। पहले दो चरण में स्वास्थ्यकर्मियों, फ्रंटलाइन वर्कर्स और 45 साल से ऊपर के लोगों के टीकाकरण के बाद केंद्र सरकार ने तीसरे चरण में 18 से 44 साल वालों को टीका लगाने की स्वीकृति दी है। इस चरण के लिए रजिस्ट्रेशन की शुरुआत 28 अप्रैल को हुई।

रजिस्ट्रेशन के बाद ही टीकाकरण 

कोविन पोर्टल या आरोग्य सेतु एप पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। अब तक तीन करोड़ से ज्यादा लोग रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। सरकार का कहना है कि टीकाकरण केंद्रों पर अचानक भीड़ न हो, इसलिए अभी केवल आनलाइन रजिस्ट्रेशन की ही अनुमति दी गई है।

पहले दिन इन राज्‍यों में टीकाकरण 

पहले दिन जिन छह राज्यों में टीकाकरण हुआ, वहां भी यह काफी सीमित रहा। उत्तर प्रदेश के सात जिलों लखनऊ, कानपुर नगर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ और बरेली में ही 18 से 44 साल वालों को टीका लगाने की शुरुआत हुई। गुजरात में भी अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट, जामनगर, कच्छ, मेहसाणा, भरूच और गांधीनगर में तीसरे चरण की शुरुआत हुई है। बाकी राज्यों में भी तीसरे चरण की शुरुआत बस टोकन के तौर पर ही हो पाई। मुंबई में पहले दिन 18 से 44 साल के 1,000 लोगों को टीका लगाया गया।

छत्तीसगढ़ में राशनकार्ड के आधार पर टीकाकरण

छत्तीसगढ़ सरकार ने तीसरे चरण में शुरुआत में अंत्योदय वर्ग के लोगों का टीकाकरण करने का फैसला किया है। अंत्योदय राशन कार्डधारी नागरिक अपने निकटतम टीकाकरण केंद्र में जाकर राशनकार्ड के साथ आधार या वोटर कार्ड में से कोई एक पहचान पत्र दिखाकर वैक्सीन लगवा सकते हैं। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने देर शाम बताया कि पहले दिन 16 जिलों में करीब 1,700 लोगों को टीका लगाया गया।

हरियाणा में आज और दिल्ली में कल से होगी शुरुआत

हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बताया है कि राज्य में रविवार से सभी जिलों में निर्धारित केंद्रों पर 18 से 44 साल वालों का टीकाकरण शुरू कर दिया जाएगा। दिल्ली सरकार ने सोमवार से तीसरे चरण का टीकाकरण शुरू होने की बात कही है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली को 4.5 लाख डोज मिल चुकी है, जिन्हें जिलों को दिया जा रहा है। तीन मई से टीकाकरण शुरू होगा।

पंजाब को टीके का इंतजार

पंजाब और अन्य कई राज्यों को अभी कंपनियों से टीका मिलने का इंतजार है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का कहना है कि उन्होंने सीरम इंस्टीट्यूट को 26 अप्रैल को कोविशील्ड की 30 लाख डोज का आर्डर दिया है। सीरम ने कहा है कि वैक्सीन की उपलब्धता का पता चार हफ्तों तक चल पाएगा। राज्य अगले तीन-चार महीनों के लिए मांग बताए और उसका एडवांस भुगतान करे। पंजाब सरकार ने अभी एडवांस भुगतान नहीं किया है। जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, झारखंड, आंध्र प्रदेश और अन्य राज्यों की भी कमोबेश यही स्थिति है।

राज्यों को दी गई है जिम्मेदारी

पहले दो चरणों से इतर, इस चरण में टीका केंद्र सरकार की ओर से नहीं लगाया जाएगा। केंद्र ने राज्यों और निजी अस्पतालों को सीधे कंपनियों से टीका खरीदने की अनुमति दी है। इसके लिए टीका निर्माता कंपनियों को अपने उत्पादन का 50 फीसद सीधा राज्यों व निजी केंद्रों को बेचने के लिए कहा गया है। बाकी 50 फीसद टीका केंद्र सरकार खरीदती रहेगी, जिससे पहले की ही तरह विभिन्न प्राथमिकता समूहों का टीकाकरण चलता रहेगा। सीरम इंस्टीट्यूट ने राज्यों के लिए कोविशील्ड की कीमत 300 रुपये और निजी केंद्रों के लिए 600 रुपये प्रति डोज तय की है। वहीं भारत बायोटेक राज्यों को 400 रुपये और निजी केंद्रों को 1200 रुपये प्रति डोज की दर से कोवैक्सीन देने का एलान किया है।

स्पुतनिक-वी की पहली खेप हैदराबाद पहुंची

रूस से स्पुतनिक-वी टीके की पहली खेप भारत पहुंच गई है। रशियन डायरेक्ट इंवेस्टमेंट फंड के साथ करार करने वाली दवा कंपनी डॉ रेड्डीज लेबोरेटरीज ने बताया कि 1.5 लाख टीके की पहली खेप हैदराबाद पहुंची है। अगले कुछ दिन में और भी खेप पहुंच जाएगी। कोविशील्ड और कोवैक्सीन के बाद स्पुतनिक-वी भारत में लगाई जाने वाली तीसरी वैक्सीन होगी। डॉ रेड्डीज लेबोरेटरीज के एपीआइ एंड सर्विसेज सीईओ दीपक सपरा ने कहा कि यह खेप डिस्ट्रीब्यूशन चैनल को लाइन अप करने में काम आएगी, जिससे आगे टीकाकरण को गति मिल सके। सीबीआइसी ने ट्वीट कर इस कंसाइनमेंट को जल्दी क्लियरेंस मिलने की जानकारी दी। बाद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी इस सक्रियता के लिए हैदराबाद कस्टम्स की प्रशंसा की।