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अल जवाहिरी की मौत के बाद अपहरण, हाईजैकिंग और आत्मघाती हमले की आशंका बरकरार

वॉशिंगटन। खूंखार आतंकी संगठन अलकायदा मुखिया अयमान अल जवाहिरी का अमेरिका खात्मा तो कर दिया पर खतरा अभी टला नहीं है। जवाहिरी के खात्मे के बाद अलकायदा के समर्थक या इससे जुड़े आतंकी संगठन अमेरिकी सेवाओं या नागरिकों को निशाना बना सकते हैं। इसलिए अमेरिकी नागरिकों से अपील की है कि वो विदेश यात्रा के दौरान सतर्क रहें और अपने आसपास के हालात का जायजा लेते रहें। अमेरिका ने कहा कि अलकायदा समर्थित आतंकी ‘आत्मघाती, हत्या, अपहरण, प्लेन हाईजैक और बम विस्फोटों’ सहित कई तरह के हथकंडे अपना सकते हैं।’ मंगलवार को अल जवाहिरी काबुल में हुए अमेरिकी ड्रोन हमले में मारा गया था।
एक रिपोर्ट के अनुसार, यूएस ने अल जवाहिरी की मौत के बाद चेतावनी देते हुए कहा कि, अलकायदा प्रमुख जवाहिरी 11 सितंबर 2001 में अमेरिका पर हुए हमले में शामिल था और लगातार अपने समर्थकों से अमेरिका पर हमले करने को कहता रहता था। इसलिए उसकी मौत के बाद उसके समर्थक अमेरिकी सेवाओं या अमेरिकी नागरिकों को निशाना बना सकते हैं। पाकिस्तान के एबटाबाद में हुए अमेरिकी ऑपरेशन में ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद अल जवाहिरी ने अलकायदा की कमान अपने हाथों में ले ली थी। 2011 में वह अलकायदा का प्रमुख बन गया था। दुनिया के कई हिस्सों में हुए आतंकी हमलों के लिए उसे जिम्मेदार माना जाता रहा।
वहीं भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने भी माना कि अल जवाहिरी की मौत के बाद इसका सीधा असर भारत में अलकायदा समर्थकों और कैडर के मनोबल पर होगा। सूत्रों ने न्यूज़18 से कहा कि हाल ही में वे प्रोपेगेंडा कैंपेन करके भारत में अल कायदा की संगठनात्मक मशीनरी को दोबारा जिंदा करने की कोशिश कर रहे थे। अलकायदा के मुखिया के खात्मे से अलकायदा के क्षेत्रीय सहयोगी एक्यूआईएस, एक्यूबीडी, एएआई की गतिविधियों पर भी असर होगा। सूत्रों ने कहा कि भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय यह है कि अब भारत में अलकायदा कैडर आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट और उसके क्षेत्रीय सहयोगी आईएसकेपी के प्रति झुकाव दिखा सकते हैं