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सिविल जज परीक्षा को चुनौती, 50 याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित

बिलासपुर।  सिविल जज प्रारंभिक परीक्षा को लेकर दायर सभी याचिकाओं पर बहस पूरी हो गई है। सभी पक्षों की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने अपना निर्णय आदेश के लिए सुरक्षित रख लिया है।

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयो ने 2020 की सिविल जज भर्ती परीक्षा आयोजित की थी। इसके बाद आयोग ने माडल आंसर जारी किया। प्रश्नपत्र में सवाल क्रमांक 12 व 99 को यह कहकर विलोपित कर दिया कि यह दोनों प्रश्न गलत हंै। आयोग के इस निर्णय से कई अभ्यर्थियों के अंक प्रभावित हुए।

इसी तरह परीक्षा में शामिल एक अभ्यर्थी छबिलाल साहू ने इसका विरोध करते हुए अधिवक्ता सौरभ साहू के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दी। इसमें कहा गया कि बाद में प्रश्नों को विलोपित करने से जिन अभ्यर्थियों ने इसे हल किया है उनके प्राप्तांकों में फर्क पड़ा है। इसके चलते उनके मुख्य परीक्षा में शामिल होने की संभावना भी खत्म हो गई है। प्रकरण की सुनवाई जस्टिस पी सैम कोशी की सिंगल बेंच में चल रही थी।

इस दौरान आयोग ने बताया कि याचिका दायर होने से पहले ही इसके लिए एक्सपर्ट कमेटी को जवाबदारी दी गई है। एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही दोनों सवाल विलोपित किए गए हैं। इस बीच अधिवक्ता किशोर भादुड़ी, रोहित शर्मा सहित अन्य वकीलों के माध्यम से नियुक्ति को लेकर अलग-अलग करीब 50 याचिकाएं दायर की गई। इन सभी प्रकरणों की एक साथ सुनवाई चल रही थी

सुनवाई के दौरान जस्टिस कोशी ने आयोग को एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। पिछले लंबे समय से याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं द्वारा अलग-अलग बहस की जा रही थी। लगातार हुई बहस के बाद बुधवार को सुनवाई पूरी हुई। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाई कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया है।