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जिला और हाईकोर्ट में राष्ट्रीय लोक अदालत 10 अप्रैल को, ज्यादा से ज्यादा प्रकरण निबटाने का लक्ष्य

इंदौर जिला और हाई कोर्ट में 10 अप्रैल को राष्ट्रीय लोक अदालत होने जा रही है। इसके लिए तैयारी शुरू हो गई है। इस वर्ष की दूसरी लोक अदालत में ज्यादा से ज्यादा प्रकरणों के निराकरण करने का लक्ष्य रखा गया है।

हाई कोर्ट के प्रिंसिपल रजिस्ट्रार अनिल वर्मा ने बताया कि लोक अदालत में शमनीय आपराधिक प्रकरण, परक्राम्य अधिनियम की धारा 138 के अंतर्गज प्रकरण, मनी रिकवरी संबंधी मामले, एमएसीटी प्रकरण (मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा प्रकरण), वैवाहिक प्रकरण, श्रम विवाद प्रकरण, भूमि अधिग्रहण के विवाद, विद्युत एवं जल कर संबंधी प्रकरण (अशमनीय मामलों को छोड़कर), सेवा मामले जो सेवानिवृत्त संबंधी लाभों से संबंधित है, राजस्व प्रकरण, दीवानी मामले और अन्य समस्त प्रकार के राजीनामा योग्य, प्रकरणों का निराकरण आपसी समझौते के आधार पर किया जाएगा। लोक अदालत के माध्यम से प्रकरण का निराकरण होने पर शासन द्वारा पक्षकार द्वारा अदा की गई कोर्ट फीस वापसी का प्रावधान भी है।

पक्षकार और अधिवक्तागण उपरोक्तानुसार न्यायालयों में लंबित प्रकरणों को राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से सुलह एवं समझौते के आधार पर निराकृत करवाने के लिए संबंधित सेक्शन और उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति से संपर्क कर अपने प्रकरण को राष्ट्रीय लोक अदालत में रखने हेतु आवेदन दे सकते हैं।

कोरोना की वजह से पिछले वर्ष नहीं लगी थी लोक अदालत

कोरोना की वजह से मार्च 2020 से लगे लाकडाउन की वजह से नेशनल लोक अदालतों का आयोजन नहीं हो सका था। इसके चलते न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की संख्या में अच्छी खासी बढ़ोतरी हो गई है। लाकडाउन खुलने के बाद कोशिश की जा रही है कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा प्रकरणों का निराकरण किया जा सके।