ब्रेकिंग
सतगुरू कबीर संत समागम समारोह दामाखेड़ा पहुंच कर विधायक इन्द्र साव ने लिया आशीर्वाद विधायक इन्द्र साव ने विधायक मद से लाखों के सी.सी. रोड निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन भाटापारा में बड़ी कार्यवाही 16 बदमाशों को गिरफ़्तार किया गया है, जिसमें से 04 स्थायी वारंटी, 03 गिरफ़्तारी वारंट के साथ अवैध रूप से शराब बिक्री करने व... अवैध शराब बिक्री को लेकर विधायक ने किया नेशनल हाईवे में चक्काजाम अधिकारीयो के आश्वासन पर चक्का जाम स्थगित करीबन 1 घंटा नेशनल हाईवे रहा बाधित। भाटापारा। अवैध शराब बिक्री की जड़े बहुत मजबूत ,माह भर के भीतर विधायक को दोबारा बैठना पड़ा धरने पर , विधानसभा सत्र छोड़ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं ... श्रीराम जन्मभूमि में नवनिर्मित भव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर भाटापारा भी रामभक्ति की लहर पर जमकर झुमा शहर में दीपमाला, भजन, आतिशबाजी, भंडा... मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम मंदिर अयोध्या की प्राण प्रतिष्ठा समारोह के उपलक्ष में भाटापारा में भी तीन दिवसीय आयोजन, बाइक रैली, 24 घंटे का रामनाम... छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की करारी हार के बाद प्रभारी शैलजा कुमारी की छुट्टी राजस्थान के सचिन पायलट होंगे छत्तीसगढ़ के नए प्रभारी साय मंत्रिमंडल में कल ,ये 9 विधायक लेंगे मंत्री पद की शपथ साय मंत्रिमंडल का कल होगा विस्तार 9 मंत्री लेंगे शपथ बलौदा बाजार को भी मिलेगा पहली बार मंत्री पद

प्रवासी कामगारों के लिए मुफ्त खाद्यान्न वितरण की संभावना से सरकार का इन्कार

नई दिल्ली। सरकार ने सोमवार को प्रवासी कामगारों को मुफ्त खाद्यान्न वितरण की संभावना से इन्कार करते हुए कहा कि पिछले साल की तरह इस बार कोई अफरातफरी जैसी स्थिति नहीं है और पूरे देश में पूर्ण लाॅकडाउन नहीं है। हालांकि, सरकार ने दो महीने मई और जून में 80 करोड़ राशन कार्डधारकों के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्ना योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत अतिरिक्त मुफ्त अनाज वितरित करना शुरू कर दिया है।

खाद्य सचिव ने कहा- पिछले साल की तरह प्रवासी संकट बड़ा नहीं, पूर्ण राष्ट्रीय लाॅकडाउन नहीं

सरकार ने कहा कि पीएमजीकेवाई के तहत मुफ्त अनाज वितरण के कारण खुले बाजार में खाद्यान्न की कीमतों पर कोई प्रभाव नहीं हुआ है। खाद्य सचिव सुधांशु पांडेय ने एक वर्चुअल संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘पिछले साल की तरह प्रवासी संकट उतना बड़ा नहीं है। देश में पूर्ण राष्ट्रीय लाॅकडाउन नहीं है। यह स्थानीय लाॅकडाउन है, उद्योग काम कर रहे हैं। पहले की तरह घबराहट भी नहीं है।’ उन्होंने कहा कि जो प्रवासी अपने गांवों में वापस चले गए हैं, वे राज्य या केंद्रीय राशन कार्ड के माध्यम से राशन ले रहे हैं। पिछले साल सरकार ने प्रवासियों और फंसे हुए प्रवासियों को मुफ्त में 6.40 लाख टन खाद्यान्न वितरित किया था।

लोगों ने महामारी के दौरान राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी सेवा का उपयोग बड़े पैमाने पर किया

अप्रैल, 2020 से महामारी के दौरान राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी सेवा के उपयोग में वृद्धि के बारे में पांडेय ने कहा कि अगस्त, 2019 में इस सेवा के शुरू होने के बाद से कुल 26.3 करोड़ लेनदेन में से लगभग 18.3 करोड़ पोर्टेबल लेनदेन कोरोना काल के दौरान हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘यह एक बहुत चौंकाने वाला आंकड़ा है जो दिखाता है कि लोगों ने पोर्टेबिलिटी सेवा का उपयोग बड़े पैमाने पर किया है।’