रायपुर विधानसभा विशेष सत्र। विधानसभा में आरक्षण बिल के दौरान ब्राह्मण नेताओं पर जमकर बरसे बलौदाबाजार विधायक प्रमोद शर्मा, उनके मुंह पर करारा तमाचा मारते हुए कहा कि ब्राह्मण समाज से आए जनप्रतिनिधि के मुंह में दही जमा हुआ है, जो अपने समाज के हक के लिए नहीं लड़ सकते, उन्हें एक दिन समाज भी सबक सिखाएगा, 10% से 4% आरक्षण करने का सवाल जनता सरकार के साथ-साथ ब्राह्मण नेताओं से भी पूछेगी

रायपुर। आरक्षण बिल को लेकर विशेष सत्र के दौरान विधानसभा में काफी हंगामा देखने में आया। जहां सरकार आदिवासियों की नाराजगी को दूर करने के लिए उनके आरक्षण को पुनः बहाल कर दी, वही सवर्ण समाज को मात्र 4 प्रतिशत तक सीमित रख दिया गया। भाजपा जहा एक तरफ आरक्षण को भानुप्रताप पुर चुनाव से जोड़ते हुए चुनावी रेवड़ी बता रही है,वहीं कांग्रेस भारतीय जनता पार्टी की मंशा पर सवाल खड़े कर रही है। बहुसंख्यक समाज को खुश करने के लिए आरक्षण की आवाज उठाने वाले नेताओं के बीच छत्तीसगढ़ की राजनीति में कोई सवर्ण समाज के पक्ष में आवाज उठाने के लिए सोच भी नहीं सकता, वही ऐसे में बलौदा बाजार के विधायक प्रमोद शर्मा ने ब्राह्मणों के लिए सदन में जमकर आवाज उठाई। अन्य ब्राह्मण नेताओं की तरफ उंगली उठाते हुए उन्होंने कहा कि सदन में दस प्रतिशत ब्राह्मण नेता होने के बावजूद भी ब्राह्मणों के मुंह में दही जमा हूवा है। 10% से 4% आरक्षण करने पर प्रमोद शर्मा ने सरकार को ब्राह्मण विरोधी बताया और कहा कि ब्राह्मण भले ही जनसंख्या में कम हो सकते हैं पर सरकार को अपनी उपस्थिति जरूर दर्ज करा कर दिखाएंगे। जो नेता अपने समाज का अपने लोगों का नहीं हो सकता उसे एक दिन बहुसंख्यक समाज भी नकार देगा। अपने समाज को दरकिनार कर बहुसंख्यक समाज को खुश रखने वाले नेताओं के मुंह में प्रमोद शर्मा ने करारा तमाचा मारा।