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मध्य प्रदेश में उद्योगों को ‘आर्थिक संजीवनी’ देने के लिए लाए ‘ब्याज अनुदान योजना’

भोपाल। कोरोना काल में आर्थिक रूप से लड़खड़ाए उद्योगों को ‘आर्थिक संजीवनी’ देने के लिए राज्य सरकार ‘मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति’ नाम से नई योजना ला रही है, जो दीपावली से पहले अस्तित्व में आ जाएगी। योजना में छोटे उद्योगों को कारोबार बढ़ाने के लिए बैंकों से कर्ज लेने पर ब्याज अनुदान दिया जाएगा। एक विचार यह चल रहा है कि अधिकतम दो करोड़ के कर्ज पर ब्याज अनुदान दिया जाए। हालांकि सरकार कितना ब्याज अनुदान देगी और इसका लाभ लेने के लिए क्या प्रक्रिया होगी। यह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ प्रस्तावित सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री और अधिकारियों की बैठक में तय होगा। इस योजना का लाभ सिर्फ उद्यम लगाने या चलाने वाले कारोबारियों को ही मिलेगा।

छोटे उद्योगों को कोरोना काल में ज्यादा नुकसान हुआ है। उन्हें कम पूंजी होने के कारण कच्चा माल मिलने में दिक्कत हुई है, तो माल बिकने के बाद राशि भी देरी से मिली। किसी-किसी को अब तक किस्तों में राशि मिल रही है। जिसका असर कारोबार पर पड़ा है। ऐसे उद्योगों को ‘आर्थिक संजीवनी’ देने के लिए यह योजना लाई जा रही है। इसमें उद्योगपति अपना कारोबार बढ़ाने के लिए बैंक से खुद कर्ज लेंगे और तय प्रक्रिया का पालन करते हुए सरकार को योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करेंगे, तो उन्हें ब्याज अनुदान दिया जाएगा। इस योजना का लाभ नए कारोबारी को न मिलेगा। क्योंकि योजना के लिए कारोबार चालू हालत में होना चाहिए।

नए कलेवर में आएंगी पुरानी योजनाएं : राज्य सरकार पुरानी योजनाओं ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी”, ‘मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी’, ‘मुख्यमंत्री स्वरोजगार’ और ‘मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण’ को नए कलेवर में लाने की तैयारी कर रही है। इन्हें लेकर मंत्रालय स्तर पर मंथन शुरू हो गया है। कोरोना संक्रमण काल के दौरान आर्थिक तंगी के चलते इन योजनाओं के आवेदन लेना बंद कर दिया था। विभाग से अब भी यही कहा गया है कि सरकार की वित्तीय स्थिति देखकर ही योजना में प्रविधान करें। दरअसल, इन योजनाओं का लाभ ले चुके डेढ़ लाख युवाओं का 90 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान अटका है, जिसे सरकार को अगले पांच साल तक देना है

इसलिए नए कलेवर में आने के बाद भी योजनाओं का ज्यादा लाभ मिलने की उम्मीद नहीं है। इन योजनाओं पर संबंधित आठ विभागों की राय भी ली जाना है। इसके बाद ही योजनाओं का प्रारूप अंतिम रूप लेगा। उल्लेखनीय है कि स्वरोजगार योजना में उद्योग लगाने के लिए दो करोड़ रुपये तक का कर्ज देने का प्रविधान करने पर विचार चल रहा है।

विभाग के अधिकारियों की बैंकर्स से चल रही चर्चा

योजना को लेकर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग विभाग के अधिकारियों की बैंकर्स से चर्चा चल रही है। इसमें ब्याज अनुदान को लेकर सहमति बनने के साथ यह भी तय होना है कि बैंक से लिए कर्ज पर किन मापदंडों के तहत अनुदान दिया जा सकता है। उसमें बैंक सरकार का कैसे सहयोग करेंगे और सहयोग की शर्तें क्या होंगी।

मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना ला रहे हैं। जिसमें वर्तमान में संचालित छोटे उद्योगों को बैंक से अतिरिक्त कर्ज लेने पर ब्याज अनुदान देने पर विचार चल रहा है। योजना को लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री के साथ बैठक होना है। जिसमें सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। – ओमप्रकाश सखलेचा, मंत्री, सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्योग