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दुनिया बेहद खूबसूरत है, इसलिए अपनी दृष्टि रखें सुरक्षित

रायपुर। दुनिया बेहद खूबसूरत है, इसलिए अपनी दृष्टि को सुरक्षित रखें। इस ध्येय वाक्य के साथ डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल स्थित नेत्र रोग विभाग में विश्व ग्लूकोमा सप्ताह मनाया गया। इसी क्रम में 10 मार्च को आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय में पीजी स्टूडेंट को ग्लूकोमा परीक्षण और निदान की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज और एम्स के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया

समापन कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी और वाद-विवाद प्रतियोगिता प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहीं। इन दोनों प्रतियोगिता में विजयी रहे मेडिकल छात्रों को सम्मानित किया गया। ये सभी कार्यक्रम नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. निधि पांडेय के नेतृत्व में आयोजित किए गए। कार्यक्रम के दौरान विभागाध्यक्ष डॉ. निधि पांडेय ने बताया कि ग्लूकोमा या कांचबिंद सामान्यत: 40 की उम्र के बाद होने वाली बीमारी है।

अत: 40 साल की उम्र के बाद हर व्यक्ति को प्रति वर्ष अपनी आंखों की ग्लूकोमा जांच करानी चाहिए। जिनके परिवार में किसी को ग्लूकोमा बीमारी रही हो, जिनकी आंखों में चोट लगी हो, जिनको अधिक नंबर का चश्मा लगा हो, जिनको ब्लड प्रेशर और मधुमेह की बीमारी हो, उन्हें ग्लूकोमा बीमारी होने का खतरा हो सकता है।

हालांकि, ग्लूकोमा से हुए नुकसान की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन नियमित जाचं एवं नेत्र विशेषज्ञ की सलाहनुसार दवाओं के सेवन से आंखों की बची हुई दृष्टि को सुरक्षित रखा जा सकता है। समापन समारोह के मुख्य अतिथि मेडिकल कालेज रायपुर के पूर्व अधिष्ठाता डॉ. पीके मुखर्जी, वर्तमान अधिष्ठाता डॉ. विष्णु दत्त, कांकेर मेडिकल कालेज के डीन डॉ. एमएल गर्ग और राज्य कार्यक्रम अधिकारी अंधत्व नियंत्रण डॉ. सुभाष मिश्रा रहे।