15 माैताें के बाद भी पता नहीं कहां से आई जहरीली शराब

ग्वालियर। जहरीली शराब पीने से पिछले पांच दिन में भिंड आैर ग्वालियर जिले में 15 लाेगाें की माैत हाे गई। ग्वालियर के तीन लाेगाें में से दाे लाेगाें की माैत जहरीली शराब पीने से हुई है, इसकी पुष्टि शनिवार काे आइजी ग्वालियर ने की है। एक व्यक्ति की माैत के बाद घरवालाें ने अंतिम संस्कार कर दिया था। इसलिए उसका पाेस्टमार्टम नहीं हाे सका था। नईदुनिया ने शनिवार के अंक में पुख्ता सूत्राें के हवाले से माैताें की वजह जहरीली शराब बता दिया था, जिस पर आज पुलिस की अधिकृत मुहर लग गई। इस सबके बावजूद सबसे बड़ा सवाल यह है कि आबकारी आैर पुलिस महकमा पांच दिन बाद भी यह पता नहीं लगा सका है कि जहरीली शराब लाई कहां से गई थी।

शनिवार को ढाई बजे मिली जांच रिपोर्टः चंदूपुरा के मृतक प्रदीप परिहार व लक्ष्मणगढ़ के रहने वाले रवि की माैत अस्पताल में हुई थी। जिनकी बिसरा की जांच क्षेत्रीय फोरेंसिक लैब में की गई। शनिवार काे यह रिपाेर्ट आइजी अविनाश शर्मा काे साैंप दी गई। आइजी शर्मा ने बताया कि जांच रिपाेर्ट में आया है कि शराब में मेथेनॉल आैर एथेनॉल के अवयव मिले हैं। एथेनॉल से शराब बनाई जाती है, लेकिन मेथेनॉल जहरीला हाेता है। उल्लेखनीय है कि चंदूपुरा आैर मिर्धा खेरिया के प्रदीप आैर विजय परिहार की देशी शराब पीने से माैत हुई थी आैर चार लाेग अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से दाे लाेगाें ने आंखाें की राेशनी जाने की शिकायत की है। वहीं भिंड मिहाेना में सात लाेगाें की माैत हुई थी, जिनमें से तीन का पाेस्टमार्टम हुआ, लेकिन इसकी बिसरा की जांच अभी नहीं हुई है। भिंड के तीन लाेगाें की माैत का कारण पुलिस ने सैनिटाइजर से हाेना बताया था। दाे लाेगाें की माैत उत्तर प्रदेश के जालाैन में हुई थी, इसका दावा कांग्रेस विधायक गाेविंद सिंह ने किया था।

पहला मामला: इस मामले में छह लोगों ने चंदूपुरा के माध्यमिक विद्यालय के पीछे बैठकर कोल्डड्रिंक की बोतल में लाकर मंगलवार की शाम शराब पी थी। इन छह में से विजय परिहार व प्रदीप परिहार की बुधवार को मौत हो गई। चार लोग अब भी अस्पताल में भर्ती हैं। जहरीली शराब से बीमार बंटी रजक, चंद्रभान, तेज सिंह व राकेश माहौर ने अपने कथनों में पुलिस को बताया कि प्रदीप शराब लाया था। उन्हें नहीं पता कहां से लाया था। प्रदीप ने मौत से पहले डाक्टर को बताया था कि हाइवे के ठेके से फिर बताया था कि मालनपुर से। आबकारी विभाग की टीम व पुलिस अब तक पता नहीं लगा पाई है कि यह शराब कहां से आई। सीएसपी रवि भदौरिया का कहना है अपना क्षेत्र पूरा खंगाल चुके हैं, लेकिन कुछ पता नहीं चला है। जहरीली शराब कहां से आई, इसका पता नहीं चलना कई सवालों को जन्म दे रहा है।

दूसरा मामला: 31 मार्च को शिवपुरी पिछोर के रवि की मौत भी जहरीली शराब से होने की पुष्टि हो गई। जिसके बाद पुलिस ने रवि के घरवालों को बुलाकर पूछताछ की। रवि के साथ शराब पीने वाले उसके रिश्तेदार देवा ने बताया कि मालनपुर में गेहूं काटने के बाद वहीं की देसी शराब की कलारी से सात क्वार्टर खरीदे थे। इन्हीं के पीने से रवि की हालत बिगड़ी थी। उसने केवल एक पैग लिया था। इस कलारी से देसी शराब जब्त कर सैंपल लिए हैं। इस कलारी से 350 से अधिक क्वार्टर उस दिन बिके हैं। मौत केवल एक की हुई है। इसलिए पुलिस की जांच में पेंच फंसा हुआ है। लक्ष्मणगढ़ व चंदूपुरा गांव आसपास हैं। इसलिए आशंका है कि दोनों ग्रुप एक ही ठिकाने से कच्ची शराब तो नहीं लाए थे।

आइजी अविनाश शर्मा से सीधी बात

सवाल- बिसरा जांच रिपोर्ट में क्या आया है?

जवाब- शराब जहरीली होने की पुष्टि हुई है।

सवाल- जहरीली शराब कहां से आई थी, इसका कुछ पता चला?

जवाब- रवि ने कहां से शराब ली थी, इसका पता चल गया है। प्रदीप वाला ग्रुप कहां से शराब लाया था, इसका पता नहीं चला है।

सवाल- मालनपुर से भी शराब लाए जाने की बात सामने आ रही है?

जवाब- प्रदीप ने इस संबंध में कुछ बताया है। पड़ताल की जा रही है।