कोई व्हील चेयर से तो कोई परिजन का सहारा लेकर पहुंचा कोरोना का टीका लगवाने

भोपाल। कोरोना टीकाकरण को लेकर अब लोग उत्‍साहित नजर आ रहे हैं। रविवार को छुट्टी का दिन होने के अलावा लॉकडाडन भी था। इसके बाद भी लोगों में टीकाकरण को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह था। कुछ लोग चलने-फिरने में असमर्थ थे तो उन्‍होंने व्हील चेयर से टीकाकरण केंद्र पहुंचकर टीका लगवाया। टीका लगवाने वालों में ज्यादातर 45 से 60 साल के बीच के थे। बता दें के इस उम्र के लोगों को एक अप्रैल से टीका लगवाने की शुरुआत हुई है। इसके पहले इन्हें सिर्फ 19 चिन्हित बीमारियां होने पर ही टीका लगाया जा रहा था। कुछ केंद्रों में टीकाकरण को लेकर अव्यवस्थाएं भी देखने को मिलीं

एम्स : शारीरिक दूरी का पालन करते हुए लगवाया टीका, नहीं थी भीड़

एम्स भोपाल में सबह 11 बजे के करीब टीकारकण केंद्र पर सात लोग पंजीयन करा रहे थे। यहां व्हील चेयर से टीका लगवाने पहुंचीं साकेत नगर निवासी मंजू शर्मा ने बताया कि उनके पैर में फ्रैक्चर था, इसलिए टीका लगवाने के लिए नहीं आई थीं। अब कोरोना का संक्रमण फिर तेजी से बढ़ने लगा तो छुट्टी के दिन ही टीका लगवाने के लिए आ गए। यहां दूसरा डोज लगवाने के लिए पहुंचे दिनेश परिहार ने बताया कि दो दिन पहले बुखार आया था। यह जानकारी लेने के बाद पैरामेडिकल स्टाफ ने उन्‍हें बाद में आने को कहा है।

नवजीवन अस्पताल: टीकाकरण ही नहीं हुआ

जिला प्रशासन द्वारा तैयार सूची में बाग सेवनिया स्थित नवजीवन अस्पताल का नाम भी था। यहां टीकाकरण के बारे में पूछा गया तो स्टाफ ने कहा कि आज छुट्टी है। हालांकि, यहां पर टीकाकरण कराने वाला कोई हितग्राही भी नहीं दिखा।

जेपी अस्पताल: अन्य दिनों से कम भीड़ रही, आधे घंटे नहीं किया इंतजार

जेपी अस्पताल में अन्य दिनों के मुकाबले भीड़ कम रही। पंजीयन के लिए बनाए दो काउंटरों में तीन-तीन लोग खड़े थे। टीका लगाने के बाद सभी को प्रमाण पत्र भी दिया जा रहा था। टीका लगवाने के बाद आधे घंटे तक निगरानी कक्ष में बैठने की व्यवस्था है, लेकिन सिर्फ दो लोग ही बैठे थे। टीका लगवाने वाले कर्मचारियों ने टीके के संभावित दुष्प्रभाव के बारे में भी किसी को नहीं बताया। यहां टीका लगवाने के लिए पहुंचे 59 साल के दिव्यांग दीपक सेठ ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए टीका लगवाना जरूरी है

गोविंदपुरा आइटीआइ: 15 मिनट में ही चले गए टीका लगवाकर

गोविंदपुरा आइटीआइ के पास शिविर लगाकर टीकाकरण किया गया। टीका लगवाने के बाद लोग आधे घंटे तक रुकने की जगह 15 मिनट में ही घर जा रह थे। अच्छी बात यह रही कि केंद्र में सभी लोगों ने सुरक्षित शारीरिक दूरी का पालन किया। मास्क पहनकर अपनी और अन्य लोगों की सुरक्षा का ध्यान दे रहे थे।

विवेकानंद चौराहा- केंद्र पर नहीं थी पर्याप्त व्यवस्थाएं

विवेकानंद चौराहे पर बने केंद्र पर सुरक्षति शारीरिक दूरी का पालन नहीं किया गया। यहां टेंट लगाकर टीकाकरण केंद्र बनाया गया। लोग धूप में ही अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। रजिस्ट्रेशन के बाद मैसेज आने तक लोगों को धूप में ही खड़े रहना पड़ा। हैरत की बात तो यह है कि यहां पर जिन लोगों को टीका लगाया जा रहा है, उन्हें आधे घंटे तक निगरानी में रखने के भी पर्याप्त इंतजाम नहीं थे।