छोटे स्टेशन व कालोनियों में चलाया जाए जागरूकता कार्यक्रम

बिलासपुर।  बिलासपुर रेल मंडल अंतर्गत आने वाले छोटे स्टेशनों में कोरोना से बचाव व शासन से जारी गाइडलाइन का एक पोस्टर तक रेलवे ने चस्पा नहीं किया है। यही स्थिति रेलवे की सभी कालोनियों की है। इस कमी को दूर करने के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे श्रमिक यूनियन ने डीआरएम को पत्र लिखा है। उन्होंने समय- समय पर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित करने की मांग की है। इससे कालोनीवासियों के अलावा आम यात्री सावधान रहेंगे।

कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। संक्रमितों के साथ- साथ मौत का आंकड़ा भी बढ़ रहा है। इसके लिए कही न कही लापरवाही जिम्मेदार है। इतनी भयावह स्थिति के बावजूद मास्क नहीं लगाना, सैनिटाइजर का उपयोग नहीं करना और दो गज दूरी का पालन भी नहीं हो रहा है। हालांकि ऐसे लोगों को सबक सिखाने के लिए मंडल के सभी बड़े स्टेशनों में बैनर व पोस्टर लगाए गए हैं। इसके साथ ही अब 500 रुपये का जुर्माना भी किया जा रहा है। पर रेलवे की ओर से छोटे स्टेशनों में एक पोस्टर तक नहीं लगा है और न ही वहां जांच की जाती है।

यात्री हो या आम जनता उन्हें जब तक जागरूक नहीं किया जाता वे नियमों का सख्ती के साथ पालन नहीं करते। श्रमिक यूनियन के मंडल संयोजक सी नवीन कुमार का कहना है कि ज्यादातर छोटे स्टेशन ग्रामीण क्षेत्र से लगे हुए हैं। ऐसे में वहां जागरूकता की आवश्यकता है। इन स्टेशनों में मेमू पैसेंजर ट्रेन आने पर यात्री दो गज दूरी तो दूर मास्क तक नहीं लगाते।

उन्हें रोकने-टोकने वाला भी कोई नहीं होता। जागरूकता अभियान से उन तक संदेश भेजा जा सकता है। इसके अलावा समय- समय पर टीटीई या आरपीएफ से इन स्टेशनों में यात्रियों की जांच करने की मांग भी की गई है। कार्रवाई के बाद यात्रियों में सजगता आएगी और वे नियमों का पालन करेंगे।