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भोपाल में डेल्टा प्लस वैरिएंट का एक और मामला सामने आया

भोपाल। देश-प्रदेश में कोरोना वायरस के डेल्‍टा प्‍लस वैरिएंट को लेकर बढ़ रही चिंता के बीच राजधानी भोपाल में इसका एक और मामला सामने आया है। शहर के साकेत नगर क्षेत्र में 65 साल की एक महिला में कोराना वायरस के डेल्टा प्लस वैरिएंट की पुष्टि हुई है। महिला को मई के पहले हफ्ते में कोरोना संक्रमण हुआ था। उन्हें कोरोना से बचाव के टीके का एक डोज भी संक्रमित होने के पहले लग चुका था। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के मुताबिक महिला की हालत अब ठीक है।
गौरतलब है कि राजधानी में हफ्ते भर पहले भी 65 साल की एक महिला में डेल्टा प्लस वैरिएंट की पुष्टि हुई थी। दोनों महिलाओं के घर करीब एक किमी की दूरी पर हैं। पहले जिस महिला में यह वैरिएंट मिला था, उसकी भी हालत ठीक है। प्रदेश में अभी तक छह मामले इस वैरिएंट के मिल चुके हैं। इनमें दो की मौत हो चुकी है।
डेल्टा प्लस वैरिएंट कोरोना वायरस के डेल्टा वैरिएंट का बदला स्वरूप है। डेल्टा वैरिएंट को देश में दूसरी लहर के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है। जीएमसी के छाती व श्वास रोग विभाग के एचओडी डॉ.लोकेन्द्र दवे ने कहा कि डेल्टा प्लस कितना संक्रामक और घातक है, इस बारे में रिसर्च चल रही हैं। अभी बहुत कम मामले सामने आए हैं। इस आधार पर कुछ भी कहना ठीक नहीं होगा।
जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए 15 दिन में भेजे जा रहे 15 सैंपल
वैरिएंट का पता करने के लिए पॉजिटिव आने के बाद लैब में सुरक्षित रखे सैंपलों को जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) दिल्ली भेजा जाता है। भोपाल में गांधी मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब से हर 15 दिन में 15 सैंपल भेजे जाते हैं।