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टीएस सिंहदेव के साथ विवाद पर बोले बघेल, जब भी सोनिया और राहुल गांधी कहेंगे ‘दे दूंगा इंस्तीफा’

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात के बाद बुधवार को रायपुर लौटने पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी के आदेश से वह इस पद पर आसीन हुए हैं और उनके कहने पर तत्काल इस पद को त्याग देंगे। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री पद के ढाई-ढाई साल के बंटवारे का राग अलाप रहे लोग प्रदेश में राजनीतिक अस्थिरता लाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें वह कभी सफल नहीं होंगे। छत्तीसगढ़ के लिए रवाना होने से पहले बघेल ने नई दिल्ली में कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने भी वेणुगोपाल के साथ बैठक की।

सूत्रों के मुताबिक, वेणुगोपाल के आवास पर उनसे दोनों नेता अलग-अलग मिले। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि राहुल गांधी से मुलाकात के बाद अब वेणुगोपाल को बघेल और सिंहदेव के बीच मतभेद खत्म करने के लिए समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है। बघेल के रायपुर लौटने पर स्वामी विवेकानंद विमानतल में उनके मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायक, कांग्रेस नेता और कार्यकर्त्ता मौजूद थे। इस दौरान कार्यकर्त्ता भूपेश बघेल जिंदाबाद तथा ‘छत्तीसगढ़ अड़ा हुआ है, भूपेश बघेल के संग खड़ा हुआ है’ के नारे लगा रहे थे। मीडिया से बात करते हुए बघेल ने कहा कि सोनिया जी और राहुल जी ने मुझ जैसे किसान को सरकार की जिम्मेदारी सौंपी है। यह सरकार किसानों, आदिवासियों और मजदूरों की है। यह सरकार छत्तीसगढ़ के दो करोड़ 80 लाख लोगों की है। सबका प्रतिनिधित्व करती है। शानदार ढंग से काम रही है।

बघेल ने कहा कि मैंने पहले भी कहा था कि उनका जब तक आदेश है तब तक मैं इस पद पर हूं, जब वह कहेंगे इसका त्याग कर दूंगा। इसमें किसी को कोई संशय नहीं होना चाहिए। बता दें कि छत्तीसगढ़ में दिसंबर, 2018 में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से मुख्यमंत्री बघेल और स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव के बीच रिश्ते सहज नहीं रहे। सिंहदेव के समर्थकों का कहना है कि ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री को लेकर सहमति बनी थी और ऐसे में अब सिंहदेव को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। बहरहाल, कांग्रेस आलाकमान के फिलहाल के रुख से यह संभव दिखाई नहीं देता है। पिछले दिनों बघेल गुट और सिंहदेव गुट के बीच मतभेद उस वक्त और बढ़ गए जब कांग्रेस विधायक बृहस्पति सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव पर आरोप लगाया था कि वह उनकी हत्या करवाकर मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं। बृहस्पति सिंह को मुख्यमंत्री बघेल का करीबी माना जाता है।