20 महीने बाद कैट का सर्किट कोर्ट बिलासपुर में करेगा सुनवाई

बिलासपुर। कोरोना संक्रमणकाल की पहली और दूसरी लहर के दौरान केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) का सर्किट कोर्ट बिलासपुर नहीं आ पाया था। इसके कारण प्रकरण की सुनवाई नहीं हो पाई है। 13 से 17 सितंबर तक जिला उपभोक्ता फोरम की नई बिल्डिंग में सर्किट कोर्ट सुनवाई करेगा। रेलवे,डाक एवं तार विभाग, बीएसएनल, एसईसीएल, केंद्रीय स्कूल, मेडिकल कौंसिल आफ इंडिया के अलावा आइएएस व आइपीएस के प्रकरणों की सुनवाई होगी।

पांच दिनों तक चलने वाले सर्किट कोर्ट में जिन प्रकरणों की सुनवाई होगी कैट ने काजलिस्ट जारी कर दिया है। कैट में छत्तीसगढ़ के वर्ष 2009 के प्रकरण भी लंबित हैं। वर्ष 2009 से लेकर अब तक तकरीबन एक हजार प्रकरण लंबित है। हर तीन महीने में एक बार छत्तीसगढ़ से संबंधित प्रकरणों की सुनवाई के लिए बिलासपुर में कैट का सर्किट कोर्ट लगता है। कोरोना संक्रमणकाल की पहली और दूसरी लहर के दौरान कैट का सर्किट कोर्ट छत्तीसगढ़ में लग ही नहीं पाया था। देशव्यापी लाकडाउन के बाद जैसे ही स्थिति सामान्य हुई इसके तीन महीने बाद दूसरी लहर शुरू हो गई।

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में भी तब वर्चुअल सुनवाई का दौर प्रारंभ हुआ। हाई कोर्ट मंे अब वर्चुअल के बजाय ओपन कोर्ट में सुनवाई हो रही है। केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण ने 13 सितंबर से सर्किट बैंच के जरिए बिलासपुर में सुनवाई करने के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। किन-किन प्रकरणों की सुनवाई होगी इस संबंध में काज लिस्ट भी जारी कर दिया है।

हर तीन महीने में सर्किट कोर्ट की है व्यवस्था

शीर्ष अदालत ने हर चार महीने में सर्किट कोर्ट के जरिए सुनवाई की व्यवस्था प्रारंभ की है। इसके तहत वर्ष में चार बार केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण का सर्किट कोर्ट छत्तीसगढ़ से संबंधित प्रकरणों की सुनवाई करेगा। शीर्ष अदालत ने वर्ष 2019 से कुछ इसी तरह की व्यवस्था लागू कर दी है।