ब्रेकिंग
संजय गांधी टाइगर रिजर्व में बढ़ रही बाघों की संख्या, सैलानियों में भी हो रहा इजाफा सफीदों रोड पर 4 लोगों ने किया हमला, कोर्ट के आदेश पर FIR 50 लोगों को ट्रॉली में बेठाकर सड़क पर दौड़ रहा ट्रैक्टर, मूकदर्शक बनी पुलिस नॉर्थ कोरिया ने जापान के ऊपर से दागी बैलिस्टिक मिसाइल विद्याधाम परिसर गूंज रहा मां पराम्बा के जयघोष एवं स्वाहाकार की मंगल ध्वनि से वीडियो वायरल : एयरपोर्ट पर करीना कपूर के साथ बदसलूकी.. इस देवी मंदिर में है 51 फीट ऊंचे दीप स्तंभ, जान जोखिम में डालकर इन्हें कैसे जलाते हैं मां वैष्णो के दरबार में पहुंचे गृह मंत्री अमित शाह हर रूप में स्त्री का सम्मान करने से प्रसन्न होती हैं मां जगदंबा Navratri Durga Ashtami: दुर्गाष्टमी आज, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और कन्या पूजन महत्व

पिता की सीट पर टिकट के लिए लड़ रहे थे दो भाई! भाजपा ने रेगांव से प्रतिमा बागरी को दे दिया टिकट

सतना: मध्य प्रदेश की रेगांव सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भाजपा ने प्रतिमा बागरी को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। लंबे समय से महिला मोर्चा में एक्टिव रही प्रतिमा बागरी जिला भाजपा में महामंत्री हैं। उनके परिवार से कोई राजनीतिक बैकग्राउंड नहीं है। वे ज्यादा सोशल मीडिया में एक्टिव रहती हैं। बताया जा रहा है कि पूर्व विधायक जुगुल किशोर बागरी के पुत्र पुष्पराज बागरी और देवराज बागरी के बीच टिकट को लेकर खींचतान चल रही थी। इनमें से पुष्पराज बागरी का नाम पैनल में था लेकिन पार्टी ने नए चेहरे प्रतिमा बागरी पर भरोसा जताया और कांग्रेस की कल्पना वर्मा के मुकाबले मैदान में उतारा।

कौन है प्रतिमा बागरी…
33 वर्षीय प्रतिमा बागरी ने बीए एलएलबी किया है। वे लंबे समय से महिला मोर्चा की महामंत्री रही हैं। इन दिनों वे सतना जिला संगठन महामंत्री हैं। उनके पिता जय प्रताप बागरी व माता कमलेश बागरी दोनों एक ही कार्यकाल में पंचायत सदस्य रहे हैं।

पूर्व विधायक के बेटों में पारिवारिक कलह!
सूत्रों की माने तो रैगांव विधानसभा उपचुनाव के लिए टिकट की दावेदारी को लेकर दिवंगत विधायक जुगुलकिशोर बागरी के दोनों बेटों में टकरार चल रही थी। दरअसल जुगुलकिशोर बागरी के जीवित रहते ही पुष्पराज बागरी उनके राजनीतिक वारिस के तौर पर काम कर रहे थे और विधायकी से जुड़े ज्यादातर काम वही देख भी रहे थे। लेकिन जुगुल के निधन के बाद परिवार में मतभेद की स्थिति बनने लगी। नतीजन जुगुलकिशोर बागरी के छोटे बेटे देवराज ने भी अपनी पत्नी वंदना के नाम पर दावेदारी जताने लगे। लेकिन इसी बीच वंदना का जाति प्रमाण पत्र निरस्त हो गया। इसके बाद स्थितियां और बिगड़ गई। देवराज का यह मानना था कि इसके पीछे उनके अपने भाई पुष्पराज का हाथ रहा। हालांकि हाइकोर्ट से राहत मिलने पर मामला शांत हो गया। लेकिन दोनों के बीच की खाईं कम नहीं हो सकी। आधी अधूरी कसर सीएम की जनदर्शन यात्रा के दौरान पूरी हो गई जब देवराज ने अपनी पत्नी के साथ हर जगह मौजूद रहकर खुद को सशक्त दावेदार के रूप में प्रस्तुत किया। दोनों भाईयों के बीच के फासले बढ़ते गए और भाजपा के लिए रास्ता मुश्किल हो गया। इसके बाद पार्टी ने इनसे किनारा करके महिला उम्मीदवार प्रतिमा बागरी को टिकट दे दिया।