ऑनलाइन कांफ्रेंस में दिए कोरोना टिप्स, लक्षण दिखने पर सबसे पहले जांच

रायपुर। छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत ने शनिवार को ऑनलाइन कांफ्रेंस का आयोजन किया। इसमें डॉक्टरों ने कोरोना महामारी से बचने के लिए जरूरी टिप्स दिए। समाज के लोगों को बताया गया कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर पिछले साल ज्यादा खतरनाक है। शुरूआती लक्षण में हाथ पैर दर्द, बुखार, सर्दी, खांसी, ऑक्सीजन लेवल कम होने से सांस लेने में तकलीफ होने पर तत्काल जांच करवाएं। आज के समयकाल में इसे निश्चित ही कोविड के लक्षण मानकर जांच करवाएं। जांच करने में बिल्कुल देर न करें। अधिक तकलीफ बढ़ने से टॉक्सीन निर्माण व टॉक्सीन लहर बनती है, जो खतरनाक है

प्रवक्ता दिनेश अठवानी ने बताया कि ऑनलाइन कांफ्रेंस में एमएमआइ के डॉ. मुकेश शर्मा एवं जबलपुर से पैथोलाजिस्ट डॉत्र रजनी खत्री ने बीमारी में लापरवाही न करने की सीख दी। वर्तमान महामारी में आरटीपीसीआर जांच से अच्छा रैपिट एंटीजन टेस्ट कराना उचित है। जो मरीज घर में आइसोलेटेड होते हैं, वे पूरी तरह से आराम करें, जरा सा भी थकाने वाला काम बिल्कुल न करेंं।

एक सवाल के जवाब में डॉ. शर्मा ने बताया कि आज अधिकांश केस में रेमिडेसिविर इंजेक्शन प्राथमिक आवश्यकता बन गया है। कोरोना के कोई भी लक्षण दिखने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें। कांफ्रेंस का संचालन संयोजक सीए चेतन तारवानी ने किया। पंचायत के अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी ने डॉ.द्वय का अभिनंदन किया। महासचिव इंदर डोडवानी ने आभार व्यक्त किया।

इसमें रमेश मिरघानी, मुखी शंकरलाल दानवानी,महिला अध्यक्षा भावना कुकरेजा,राधा राजपाल,मनीषा तारवानी,सुदेश मंध्यान,प्राप्ति वाशानी,पायल जसवानी,बिलासपुर से किशोर जेमनानी,गौतम मित्तल,पवन वाधवा,गुनगुन मिरघानी,श्याम रूपरेला,दर्शन निहाल,कमल अम्बवानी,रवि कुकरेजा,दिव्या रूपरेला,संतराम बजाज,आनंद मदनानी,हरीश,नीना, त्रिलोक तारवानी आदि जुड़े।