मानव एकता दिवस पर माता सुदीक्षा का ऑनलाइन सत्संग सत्संग

भोपाल। निरंकारी मिशन ने बाबा गुरबचन सिंह की स्मृति में मानव एकता दिवस मनाया। कोरोना संकट के कारण इस बार ऑनलाइन सत्संग हुआ। संत हिरदाराम नगर के साधकों ने माता सुदीक्षा जी का सत्संग सुना और मानव एकता का संकल्प लिया।

निरंकारी मंडल संत हिरदाराम नगर शाखा के प्रवक्ता कन्हैयालाल साधवानी ने बताया कि संत निरंकारी मिशन बाबा गुरबचन सिंह की स्मृति में हर साल मानव एकता दिवस मनाता है। बाबा गुरबचन सिंह 24 अप्रैल 1980 को ब्रह्मलीन हो गए थे। उनके तप, त्याग से परिपूर्ण जीवन की प्रेरणा देने के लिए निरंकारी मिशन मानव एकता दिवस बनाता है। इस बार साधकों ने ऑनलाइन सत्संग के माध्यम से मानव एकता के लिए काम करने का संकल्प लिया।

दिलों को जोड़ने का नाम ही मानव एकता

इस मौके पर माता सुदीक्षा ने कहा कि दिलों को जोड़ने का नाम ही मानव एकता है। यह तभी संभव होता है जब हमें परमात्मा के बारे में जानकारी मिलती है। हम सब एक हैं यही भावना होनी चाहिए। माता ने कहा कि आत्मा और परमात्मा का जब मिलन हो जाता है तो मानव के बीच में जात, पात ओर ऊंच-नीच की कोई दीवार नहीं बचती। हर किसी के मन में मदद का भाव पैदा होता है। कोरोना संकट की चर्चा करते हुए कहा कि यह समय मिलकर सेवा करने का है। बाबा गुरबचन सिंह ने हमें सेवा और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया था, उन्होंने मिशन के संदेश को भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में फैलाया। विश्व भर में 60 से भी अधिक देशों में मिशन की शाखाएं स्थापित है जहां प्रेम मानवता के लिए काम किया जा रहा है। इस मौके पर माता सुदीक्षा ने दिल्ली में बने कोविड सेंटर की जानकारी दी। यहां 1000 बेड वाला अस्पताल बनाया गया है जहां मरीजों की सेवा भी की जा रही है।