सिवनी के छपारा में कब्रिस्तान बना कूड़ा डंपिंग जोन, स्थानीय लोगों ने जताया आक्रोश

सिवनी: सिवनी के छपारा में अल्पसंख्यक समुदाय के कब्रिस्तान में नगर परिषद का कूड़ा फेंकने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिसके बाद स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया और प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि यहां कचड़ा डंप कराना बंद कराया जाए।बता दें कि बैनगंगा नदी तट के करीब अल्पसंख्यक समुदाय का कब्रिस्तान है। जहां अधिकांश जमीन वैनगंगा नदी में बने संजय सरोवर बांध में जल भराव के चलते डूब गई है। वहीं खाली जमीन में छपारा नगर परिषद के शहर का निकलने वाला कूड़ा डंपिंग किया जा रहा है।कचड़ा डंप करने का हो रहा विरोधछपारा नगर परिषद का कूड़ा डंपिंग स्थान जूनापानी गांव में है। जहां ग्रामीणों की ओर से उसका विरोध किया जा रहा है और ग्रामीणों ने कूड़ा करकट डालने वालों के वाहन भी रोक लिए थे। जिसके बाद नगर परिषद ने कूड़ा डंपिंग बंद कर दिया। अब अल्पसंख्यक समुदाय के कब्रिस्तान की जमीन में यह कूड़ा डाला जाने लगा, जिसके बाद इसका विरोध हो रहा है।मसीही समाज ने भी किया विरोधमसीही समाज के संजय मसीह ने कहा है कि यह गलत है, कब्रिस्तान की जमीन पर इस तरह से नगर परिषद को कूड़ा नहीं डालना था। उसे उठाया जाए और वहां सफाई कराई जाए। दोबारा इस तरह से नहीं होना चाहिए।लोगों को परेशानी से निजात दिलाने की मांगअब तक नगर परिषद ने कब्रिस्तान से ना तो पूरा कचड़ा हटवाया है ना ही कूड़ा फेंकना बंद करवाया है। जिससे लोगों में खासा आक्रोश नजर आ रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों से लोगों ने मांग की है कि यहां कचड़ा डंप कराना बंद कराया जाए। ताकि लोगों को परेशानी से निजात मिल सके।इस मामले में नगर परिषद छपारा के सीएमओ श्याम गोपाल भारती का कहना है कि अस्थाई तौर पर वहां कूड़ा डाला गया है। जिससे उठाकर कूड़ा डंपिंग स्थान पर फेंका जाएगा और वहां सफाई कराई जाएगी।