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धमतरी जिले के 10 निजी स्कूल बंद

धमतरी। कोरोना संकट काल में पिछले साल से शासकीय व निजी स्कूल बंद हैं। नामी निजी स्कूलों ने आनलाइन क्लास लेकर पालकों से फीस वसूल ली, लेकिन कई छोटे स्कूलों में यह सुविधा नहीं होने से उन्हें आर्थिक तंगी से जूझना पड़ा। स्कूल बंद करने की भी नौबत आ गई।

जिले में ऐसे ही 10 निजी स्कूल बंद हो गए हैं। स्कूल बंद होने के बाद अब यहां अध्ययनरत बच्चों व उनके पालकों की चिंता बढ़ गई है।

जिले के धमतरी, कुरुद, मगरलोड और नगरी ब्लाक में अनुदान प्राप्त आठ स्कूलों के साथ कुल 222 निजी स्कूल संचालित हैं। अब इनमें से 10 निजी स्कूल बंद हो गए, ऐसे में अब निजी स्कूलों की संख्या 212 ही रह गई है।

जिला शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार गोड़वाना स्कूल कसपुर, गोड़वाना स्कमल गुहाननाला, होली हार्ट स्कूल मोहंदी, होली चाइल्ड स्कूल धमतरी, होली चाइल्ड स्कूल छाती, अजीज पब्लिक स्कूल धमतरी, माही पब्लिक स्कूल धमतरी समेत जिले के 10 निजी स्कूल बंद हो गए हैं।

इन स्कूलों के संचालकों ने स्कूल बंद करने की जानकारी जिला शिक्षा विभाग को लिखित में दी है। इन स्कूलों के बंद होने के बाद अब यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों व पालकों की चिंता बढ़ गई है।कोरोना संकट काल में हालांकि स्कूल नहीं खुल रहे हैं, लेकिन खुलने के बाद उन्हें दूसरे स्कूलों में दाखिला लेना पड़ेगा, इसके लिए पालकों को अतिरिक्त खर्च करना पड़ सकता है। इसे लेकर पालक भी चितिंत है।

छोटे निजी स्कूलों की हालत पतली

जिले में कई छोटे-बड़े निजी स्कूल संचालित है। इनमें से कुछ छोटे निजी स्कूलों की हालत पतली है, क्योंकि पिछले सालभर से अधिक समय से विद्यार्थियों से फीस नहीं मिल पा रही है। जबकि इन स्कूलों में शिक्षक व शिक्षिकाएं भी पदस्थ है, जिन्हें वेतन देने समेत विभिन्न व्यय से स्कूलों पर बोझ बढ़ने की आशंका है, इसलिए संचालकों ने स्कूल को ही बंद कर दिया। क्योंकि कोरोना संकट काल अभी भी जारी है।

शिक्षा सत्र 2021-22 अब 16 जून से शुरू हो गया है, लेकिन शासन से स्कूल खोलने अब तक कोई आदेश नहीं है, ऐसे में निजी स्कूलों की परेशानी बढ़ी हुई है।

कई निजी स्कूलों में पदस्थ शिक्षक-शिक्षिकाओं को तो वेतन भी मिलना बंद हो गया है, जिन्हें अब स्कूल खुलने का इंतजार है। समय रहते यदि स्कूल नहीं खुला, तो कुछ अन्य निजी स्कूलों के बंद होने से इंकार नहीं किया जा सकता।

वर्जन…

‘जिले में कुछ निजी स्कूलों के बंद करने की जानकारी मिली है। विद्यार्थी दूसरे स्कूलों में दाखिला लेकर पढ़ाई कर सकते हैं।

-डा. रजनी नेल्सन, जिला शिक्षा अधिकारी धमतरी

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