गणेश विर्सजन से होने वाले जल प्रदूषण की जांच करेगा प्रदूषण बोर्ड

इंदौर। गणेश प्रतिमा विर्सजन के प्रदूषण नियत्रंण बोर्ड ने इस बार भी तीन स्तरीय निगरानी की व्यवस्था की है। जिसमें शहर के जलाशयों की मानिटरिंग की जाएगी। हालांकि यहां पर विर्सजन के रोक के लिए नगर निगम की टीम तैयार रहेगी। वहीं कृत्रिम जलाशय में निगम द्वारा प्रतिमा विर्सजन करवाया जाएगा।
बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार गणेश प्रतिमा विर्सजन के लिए इस बार भी तैयारी की जा रही है। जिसमें शहर के प्रमुख जलाशयों से सैंपल एक सप्ताह पहले लिए जा चुके है। अब रविवार को भी इनके सेंपल लिए जाएगें। इसके अलावा तीन दिन बाद भी सेंपल लिए जाएगें। हालांकि शहर के जलाशयों में प्रतिमा विर्सजन करने में रोक लगी हुई है। यहां पर निगम की टीम भी तैनात रहती है। जो यहां आने वाले लोगों को रोकती है। प्रतिमा विर्सजन के लिए निगम शहर में कलेक्शन पाइंट बना देती है। जहां से प्रतिमाओं को एकत्रित करके जवाहर टेकरी पर ले जाया जाता है। यहां पर बनाए गए कत्रिम कुंड में प्रतिमाओं का विर्सजन किया जाता है।
बोर्ड द्वारा यहां का सैंपल भी लिया जाता है। जिसमें बीते कुछ सालों में लैंड और ठोस पदार्थ की मात्रा ज्यादा मिलती है। हालांकि बीते कुछ सालों में पीओपी की जगह मिट्टी की प्रतिमा का उपयोग बढ़ने से इस तरह से जल प्रदूषण की मात्रा में कमी आई है। प्रशासन ने भी पीओपी की प्रतिमा के निर्माण और विक्रय पर रोक लगाई है। जिससे इसके विक्रय में कमी आई है। यह जल प्रदूषण रोकने के लिए भी लाभदायक है ।