धारा 144 तोड़ कर रैली निकाली, उसमें भी बिना मास्क के दिखे कांग्रेसी, क्या ऐसे बदलेंगे हालात?

उज्जैन: आज से ठीक एक साल पहले कमलनाथ सरकार के 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद तत्कालीन सीएम नाथ ने इस्तीफा दे दिया था। जिसको लेकर आज प्रदेश भर में कांग्रेस तिरंगा यात्रा निकाल रही है। इस बीच उज्जैन में भी कांग्रेस ने रैली निकाली जहां पर कांग्रेसियों कार्यकर्तओं ने जमकर कोरोना के नियमों का उल्लंघन किया। पहले तो कांग्रसी कार्यकर्ताओं ने धारा 144 का उल्लंघन किया, बाद में बिना मास्क लगाए रैली भी निकाली।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं की तिरंगा यात्रा महात्मा गांधी को श्रद्धाजंलि देते हुए शहर के मुख्य मार्ग होते हुए टावर चौक पहुंची। जहां बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा पर कांग्रेसियों ने हार फूल चढ़ा कर बाबा साहब को भी श्रद्धाजंलि अर्पित की। शहर में धारा 144 लगी होने के बावजूद रैली का आयोजन भारी संख्या में किया गया। इसका जिम्मेदार प्रशासन है या खुद जनप्रतिनिधि आप तय कीजिये, जब जनप्रतिनिधी नियमों की धज्जियां खुले आम उड़ा रहे हैं तो आम जन को भी प्रशासन द्वारा डराना धमकाना और जागरूक करने का कोई मतलब नहीं बनता। रैली कि सबसे खास बात यह रही 90%लोगो ने मास्क नहीं लगा रखा था और ना ही सामाजिक दूरी का किसी ने पालन किया। सवाल ये भी है धारा 144 के बावजूद रैली को परमिशन कैसे दी गई।

तराना से कांग्रेस विद्यायक महेश परमार से जब मास्क ना पहनने को लेकर मीडिया ने सवाल किया तो विद्यायक साहब बरगलाने लगे और खुद का मास्क ऊपर नीचे करते हुए सफाई देने लगे, कि वीडियो में 1-2% लोग बिना मास्क लगाए तो नजर आ ही जाते हैं। आप देखिए मेरे आगे पीछे सबने मास्क पहना है। जबकि बगल में खड़े महानुभावों ने मास्क नहीं पहना था। विद्यायक जी पर आई तो उन्होंने नाम लेते हुए प्रदेश के ग्रह मंत्री पर पर आरोप लगा दिए कि हम कोरोना को डरोना कहने वालों से तो अच्छे हैं। हम नियमों का पालन कर रहे हैं।