42 सीटर बस को बना दिया 62 सीटर, आपातकालीन गेट भी बंद

रायपुर: नवा रायपुर में बस संचालन को लेकर कर्मचारियों में आक्रोश। नवा रायपुर में सरकारी कर्मचारियों के लिए चल रही बस सेवा को लेकर कर्मचारी नाराज हैं। वहां चल रही ज्यादातर बस खस्ता हालत में है। वहीं, 27 सीटर बस को 35 और 42 सीटर में सीटों की संख्या बढ़ाकर 62 कर दी गई है। सीट बढ़ाने के चक्कर में आपातकालीन गेट को भी बंद कर दिया गया है। इससे न केवल यात्रा के दौरान दिक्कत हो रही है बल्कि सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है।

विभागाध्यक्ष शासकीय कर्मचारी संघ के महामंत्री सत्येंद्र देवांगन ने बताया कि बसों में विभागाध्यक्ष भवन (इंद्रावती) और मंत्रालय (महानदी भवन) के साथ ही नवा रायपुर स्थित अन्य शासकीय विभागों के कर्मचारियों के लिए बस सेवा उपलब्ध कराई गई है। इसके लिए प्रत्येक कर्मचारी से हर महीने 1800 रुपये लिया जाता है। इसके बावजूद बस सेवा को लेकर कर्मचारियों को कई शिकायतें हैं।

कर्मचारियों के साथ ही बस वाहन चालक संघ की तरफ से भी शिकायत मिली थी। इसे गंभीरता से लेते हुए विभागाध्यक्ष राजपत्रित अधिकारी संघ के अध्यक्ष कमल वर्मा, विभागाध्यक्ष शासकीय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रामसागर कौशले और महासचिव देवांगन के नेतृत्व में सोमवार को बसों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान वाहन चालक संघ के उपाध्यक्ष कुमार यादव और अन्य वाहन चालकों से मिलकर उनकी समस्याओं की भी जानकारी ली गई। बसों के निरीक्षण करने पर कई तरह की अनियमिताएं भी सामने आई है। तीनों संगठनों ने शासन को पत्र लिखकर समस्याओं से अवगत कराते हुए समय सीमा निराकरण करने की मांग की है। निरीक्षण के दौरान संतोष कुमार वर्मा उपाध्यक्ष, आरएन पटेल उपाध्यक्ष, भोला प्रसाद पटेल सचिव, योगेश निषाद और अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

बस चालकों को नहीं मिला तीन महीने का वेतन

संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि बस चालकों को लाकडाउन के दौरान तीन महीने का वेतन नहीं मिला है, जबकि सरकार ने आपरेटर को भुगतान कर दिया है। इसकी भी शिकायत सरकार से की गई है।