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ओड़िशा के इन 10 जिलों में लगा Night Curfew: बरतें सावधानी, वरना बढ़ सकती है मुसीबत

भुवनेश्वर। देश के अन्य राज्यों की तुलना में ओड़िशा में कोरोना संक्रमण की स्थिति फिलहाल बेहतर है मगर धीरे-धीरे यहां भी कुछ जिलों में संक्रमण के मामले अब बढ़ने लगे हैं। यही कारण है कि जिन जिलों में संक्रमण के मामले अधिक आ रहे है या फिर संक्रमण बढ़ने के आसार हैं, उन जिलों  में आज से नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है। इसके साथ ही पूरे प्रदेश के लोगों से सावधानी बरतने एवं कोरोना गाइडलाइन का अनुपालन करने की हिदायत दी जा रही है। इसके साथ ही पूरे प्रदेश के लोगों को सरकार ने साफ तौर पर हिदायत भी दी है कि यदि सावधानी नहीं बरती तो फिर आगामी दिनों में मुसीबत बढ़ सकती है।

 जानकारी के मुताबिक पड़ोसी राज्यों में संक्रमण बढ़ रहे हैं। ऐसे में प्रदेश के सीमान्त जिलों को हाईअलर्ट कर दिया गया है। राज्य में प्रवेश करने वाले लोगों पर पैनी नजर रखने को विशेष राहत आयुक्त विष्णुपद सेठी निर्देश जारी किया हुआ है। इसके साथ ही एसआरसी ने 10 जिलों में आज से नाइट कर्फ्यू लगा दिया है। ये सभी 10 जिले छत्तीसगढ़ सीमा से लगे हुए हैं। इनमें सुन्दरगड़, झारसुगुड़ा, सम्बलपुर, बरगड़, बलांगीर, नुआपड़ा, कालाहांडी, नवरंगपुर, कोरापुट, मालकानगिरी में नाइट कर्फ्यू लगाया गया है। इन जिलों में रात 10 से 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू अगले आदेश तक जारी रहेगा। हालांकि इस समय के दौरान अत्यावश्यक सेवा जारी रहेगी। सभी कारखाना एवं निर्माण कार्य जारी रहेगा।

दुकान, व्यापार, आफिस, अनुष्ठान बंद रहेंगे। जिला एवं म्युनिसिपल कर्मचारी, पुलिस, सरकारी कर्मचारी को कर्फ्यू से अलग रखा गया है। इस समय के दौरान होम डिलीवरी, पेट्रोल पंप, राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे मौजूद ढाबा, प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक्स मीडिया, एलपीजी वितरण को प्रतिबंध से अलग रखा गया है। उसी तरह से अस्पताल, मेडिकल, पारा मेडिकल कर्मचारी को प्रतिबंध से अलग रखा गया है।

लगातार बढ़ रहे हैं मामले 

यहां उल्लेखनीय है कि प्रदेश में कोरोना की रफ्तार धीरे-धीरे ही सही मगर लगातार बढ़ रही है। कोरोना के प्रति बेखौफ हो चुके लोगों का यह परिणाम बताया जा रहा है। भुवनेश्वर एवं कटक में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, मगर जिस प्रकार से कुछ सामाजिक संगठन सामूहिक कार्यक्रम कर रहे हैं, वह सीधे तौर पर कोरोना को निमंत्रण दे रहे हैं और इसके लिए कहीं न कहीं प्रशासनिक लापरवाही जिम्मेदार है। प्रशासनिक अधिकारी जानबूझकर कुछ रसूकदार लोगों को उनके सामाजिक कार्यक्रम करने की अनुमति दे रहे हैं, जिसकी नजीर पिछले दिनों कटक शहर में देखने को मिली है।

 सामूहिक कार्यक्रमों  को लेकर सजग होना पड़ेगा

 ऐसा नहीं है कि इन कार्यक्रमों की जानकारी कटक जिला प्रशासन या स्थानीय पुलिस को नहीं होती है, सब कुछ जानबूझकर और प्रशासन के आंख के नीचे हो रहा है। कटक जिला प्रशासन यदि इसी तरह से सामूहिक कार्यक्रमों की अनदेखी करता रहेगा तो फिर आगामी दिनों में इसका सीधा असर कटक पर तो पड़ेगा ही, राजधानी वासियों को भी भुगतना होगा। ऐसे में कटक जिला प्रशासन को विशेष रूप से सामूहिक कार्यक्रमों के आयोजन पर ध्यान देना होगा।