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नियुक्ति का खुला रास्ता, जानिए हाई कोर्ट ने क्या दिया आदेश

बिलासपुर। हाई कोर्ट की युगलपीठ ने अपने महत्वपूर्ण आदेश में लोक निर्माण,पंचायत व नियोलाजी विभाग में ड्राप्समैन की भर्ती के लिए नए सिर से चयन सूची जारी करने का आदेश दिया है। साथ ही भर्ती में नियम-शर्तों से अलग इंजीनियर व डिप्लोमा वालों को चयन सूची से अलग करने को कहा है।

लोक निर्माण विभाग, पंचायत विभाग व नियोलाजी विभाग में असिस्टेंट ड्राप्समैन के पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। इसके तहत भर्ती के नियम-शर्तों के अनुसार शैक्षणिक योग्यता आइटीआइ मांगी गई थी। इस पर प्रवीण रजक सहित अन्य ने भी आइटीआइ की योग्यता के साथ भर्ती के लिए आवेदन पत्र जमा किया। इस बीच अंतिम चयन सूची जारी हुई, तब लिस्ट में इंजीनियरिंग व डिप्लोमाधारियों को वरीयता देते हुए उनके नाम को शामिल कर लिया। वहीं, प्रवीण रजक सहित अन्य के नाम को चयन सूची में शामिल नहीं किया। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों के समक्ष दावा आपत्ति भी की।

लेकिन उनके दावा आपत्ति पर सुनवाई नहीं की गई। लिहाजा उन्होंने अपने वकील प्रतीक शर्मा, निशांत भानूशाली के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की। इसमें बताया गया कि भर्ती में आइटीआइ की योग्यता मांगी गई थी। इंजीनियरिंग की डिग्री व डिप्लोमा नहीं मांगा गया था। फिर भी याचिकाकर्ताओं को नियुक्ति से वंचित करते हुए इंजीनियरिंग व डिप्लोमा वालों को प्राथमिकता दी गई।

इस मामले की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट की एकलपीठ ने चयन सूची पर रोक लगा दी थी। फिर बाद में दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद एकलपीठ ने याचिका को खारिज कर दिया। इस पर याचिकाकर्ताओं के वकील ने एकलपीठ के निर्णय को युगलपीठ में अपील की।

याचिकाकर्ताओं के वकीलों के तर्कों को सुनने के बाद चीफ जस्टिस पीआर रामचंद्र मेनन व जस्टिस पीपी साहू की युगलपीठ ने याचिका को स्वीकार कर लिया है। साथ ही इंजीनियरिंग डिग्री व डिप्लोमाधारियों को चयन सूची से अलग करते हुए नई चयन सूची जारी करने का आदेश दिया है। हाई कोर्ट ने कहा है कि बिना किसी प्रविधान के उच्च योग्यता हर स्थिति हर स्थिति में निम्न योग्यता को निर्धारित नहीं कर सकता।