44 आक्सीजन मशीन और 70 सिलिंडर होने पर भी 15 दिन से नहीं कर पाए किसी की मदद

इंदौर। शहर में सेवा की भावना से संचालित दो मेडिकल उपकरण बैंक ने लोगों को दिए मेडिकल उपकरण वापस मांगे हैं। उनका कहना है कि कोरोना से डरे लोग एक बार लेने के बाद मेडिकल उपकरण वापस नहीं लौटा रहे हैं। या तो वह उपकरण इस डर से नहीं लौटा रहे हैं कि परिवार का कोई सदस्य फिर बीमार हुआ तो समय पर जीवन रक्षक उपकरण नहीं मिलेंगे। आद्य गौड़ सेवा न्यास आरोग्य प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों का कहना है कि उनके पास 44 आक्सीजन मशीन और 70 आक्सीजन सिलिंडर होने के बाद भी पिछले 15 दिनों से किसी की सहायता नहीं कर पाए। इसकी वजह है जो लोग उपकरण ले गए हैं, वह वापस नहीं लौटाए जा रहे हैं।

आद्य गौड़ ब्राह्मण सेवा न्यास आरोग्य प्रकोष्ठ के पं. दिनेश शर्मा बताते हैं कि हर दिन कई जरूरतमंदों के फोन आ रहे है लेकिन उनकी मदद नहीं हो पा रही है। इसका बड़ा कारण लोग जो भी सामान ले जा रहे हैं, काम होने के बाद वापस जमा नहीं कर रहें हैं। कुछ लोगों के पूरे परिवार संक्रमित हैं, इसलिए एक के बाद दूसरे और दूसरे के बाद तीसरे के काम आ रहा है। किसी ने कोरोना के भय से कि बाद में मिलेगा या नहीं सामान रोक रखा हैं, जो उनके घर में पड़ा धूल खा रहा हैं। इस कारण हम आज जिन लोगों के प्राण इन जीवनरक्षक उपकरणों की सहायता से बचा सकते हैं, वह नहीं बचा पा रहे हैं। नए खरीद नहीं सकते क्योंकि उपकरणों की कीमत तीन गुना से अधिक हो गई। इसके चलते हमने लोगों से उपयोग के बाद उपकरण जमा करने के लिए कहा।

187 आक्सीजन मशीन, 106 वायपेप और 523 आक्सीजन सिलिंडर

गोल्ड काइन सेवा ट्रस्ट के पास 187 आक्सीजन मशीन, 106 वायपेप और 523 छोटे-बड़े आक्सीजन सिलिंडर है। ट्रस्ट पदाधिकारियों का कहना है कि इसके बावजूद आठ दिन से हम किसी की मदद नहीं कर पाए हैं, क्योंकि जो भी सामान ले जा रहा है, वह भी काम होने के बाद वापस ही नहीं जमा कर रहा। ऐसे समय में सभी को एक-दूसरे की मदद की भावना से उपयोग के तत्काल बाद उपकरण वापस जमा करना चाहिए।