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अरुण के निशाने पर अपने! क्या कमलनाथ से नाराज हैं यादव? इस ट्वीट के क्या मायने…

खंडवा: खंडवा लोकसभा सीट पर उपचुनाव से पहले कांग्रेस के प्रबल दावेदार अरुण यादव ने चुनाव लड़ने से मना करके सभी को चौंका दिया है। रविवार को पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर यादव ने अपने फैसले के बारे में बता दिया। उन्होंने कहा है कि पार्टी जिसे भी उम्मीदवार बनाएगी, वे उसका समर्थन करेंगे। हालांकि उन्होंने इसका कारण पारिवारिक बताया है लेकिन इससे पहले उनका एक ट्वीट को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि मेरे दुश्मन भी मेरे मुरीद हैं, वक्त- बेवक्त मेरा नाम लिया करते हैं, मेरी गली से गुजरते हैं छुपा के खंजर, रूबरू होने पर सलाम किया करते हैं…

अरुण यादव के इस ट्वीट के बाद कयासों का दौर शुरु हो गया है। बताया जा रहा है कि अरुण यादव के इस फैसले के पीछे कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति कलह हो सकती है। क्योंकि निर्दलीय विधायक शमशेर सिंह शेरा भी अपनी पत्नी के लिए टिकट की मांग कर रहे हैं। तीन दिन पहले उन्होंने कहा था कि टिकट उनकी पत्नी को ही मिलेगा क्योंकि वो सर्वे में सबसे आगे हैं। इसे लेकर प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने मीडिया के सामने कहा था कि अरुण यादव ने उनसे अब तक टिकट की मांग नहीं की है।

इसके अलावा दूसरी बड़ी वजह बीजेपी में जाने की अटकलें बताई जा रही है। क्योंकि करीब दो महीने पहले भी अरुण यादव के बीजेपी में शामिल होने की चर्चाओं ने जोर पकड़ा था। हालांकि तब भी उन्होंने खुद ही ट्वीट कर इससे इनकार किया था। उन्होंने ट्वीट किया था कि मेरे शरीर और परिवार के रक्त की एक-एक बूंद में कांग्रेस विचारधारा का प्रवाह होता है। मुझ सहित समूचे परिवार के नाम के आगे ‘यादव’ लिखा जाता है ‘सिंधिया’ नहीं। हालांकि मामला जो भी हो एक बात तो साफ है कि अरुण यादव खंडवा उपचुनाव नहीं लड़ेगें। अब कांग्रेस नए प्रत्याशी की तलाश में हैं।