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मौत के तीन दिन बाद तक कोरोना संक्रमित गर्भवती को बताते रहे स्वस्थ

बिलासपुर। संभागीय कोविड अस्पताल में लापरवाही की हद पार हो गई है। यहां भर्ती गर्भवती महिला के पति को हर दिन बताया जा रहा था कि उसकी पत्नी स्वस्थ है। बुधवार को अचानक जानकारी दी गई कि महिला की तीन दिन पहले ही मौत हो चुकी है। घटना की जानकारी मिलने पर कांग्रेसी भी पहुंच गए और जमकर हंगामा मचाया।

लालखदान के महमंद स्थित निषाद मोहल्ला में रहने वाली महेशिया निषाद को पांच माह का गर्भ था। 24 अप्रैल की सुबह उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी। इस पति कमलेश निषाद शाम पांच बजे महेशिया को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। वहां पर जांच के बाद स्टाफ ने महिला को कोरोना संक्रमित बताया। इसके बाद उन्हें कोविड वार्ड में भर्ती कर दिया गया

दूसरे दिन कमलेश अस्पताल पहुंचे और अपनी पत्नी के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि महेशिया ठीक हंै। यह सिलसिला 27 अप्रैल तक चलता रहा। 28 अप्रैल को कमलेश पत्नी के लिए कपड़े लेकर पहुंचा। उसने वार्ड ब्वाय को नंबर बेड 203 मंे भर्ती पत्नी को कपड़े देने के लिए कहा। वार्ड ब्वाय कपड़े देने पहुंचा तो पता चला कि वार्ड में महेशिया नाम की कोई मरीज नहीं है।

इसकी जानकारी मिलने पर कमलेश घबरा गया और कांग्रेस प्रवक्ता अभय नारायण राय को फोन पर जानकारी दी। इस पर अभय जिला अस्पताल पहुंच गए। इसके बाद अस्पताल की डा. शेफाली कुमावत से इस बारे में पूछा। डा. शेफाली पता करने की बात कहकर अंदर चली गईं। कुछ देर बात एक वार्ड ब्वाय पहुंचा और महेशिया की फोटो मांगी। उसे महिला की फोटो दी गई। इसके बाद शवगृह में लावारिश पड़े एक शव की पहचान महेशिया के रूप में की गई।

तब पता चला कि उसकी मौत 25 अप्रैल को ही हो गई थी। यह सुनते ही पति कमलेश के होश उड़ गए। इससे नाराज कांग्रेस प्रवक्ता अभय ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। इसके बाद अन्य कांग्रेसी भी जिला अस्पताल पहुंच गए है और जमकर हंगामा मचाया।

लावारिस समझकर करने वाले थे अंतिम संस्कार

महेशिया के शव को जिला अस्पताल प्रबंधन लावारिस मान रहा था। तीन दिनों से उसके स्वजन का इंतजार किया जा रहा था। यदि बुधवार को कमलेश द्वारा खोजबीन नहीं की जाती तो गुस्र्वार को शव को अंतिम संस्कार कर दिया जाता।

जिम्मेदार डाक्टर व स्टाफ को किया जाए बर्खास्त: अभय

कांग्रेस प्रवक्ता अभय ने कहना है कि मामले में पूरे स्टाफ की लापरवाही सामने आई है। वे डा. शेफाली से लगातार संपर्क कर मरीज की जानकारी लेने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्होंने सहयोग नहीं किया। कांग्रेस इस मामले को आगे लेकर जाएगी। डा. शेफाली के साथ अन्य दूषियों को बर्खास्त करने की मांग की जाएगी

नहीं दी जाती जानकारी

संभागीय कोविड अस्पताल में भर्ती अन्य मरीज के स्वजन का भी आरोप है कि मरीज के संबंध में किसी भी तरह की जानकारी नहीं दी जाती है। वे मरीज के स्वास्थ्य के बारे में जानने के लिए परेशान होते रहते हैं। कई बार छोटे कर्मचारियों को हालचाल बताने के लिए स्र्पये भी देने पड़ते हैं।